Books.Com - "गबन"- बुक रिव्यु (हिंदी) |एपिसोड 60| सुभाषिनी Podcast Por  arte de portada

Books.Com - "गबन"- बुक रिव्यु (हिंदी) |एपिसोड 60| सुभाषिनी

Books.Com - "गबन"- बुक रिव्यु (हिंदी) |एपिसोड 60| सुभाषिनी

Escúchala gratis

Ver detalles del espectáculo

समाज में अपना चेहरा बचाने के लिए क्या दोनों लिंग झूठ का सहारा लेते है? क्या एक स्त्री का ग़रूर और गहनों के प्रति मोह उसके पति को बर्बादी की ओर ले जा सकता है? अनुवाद श्रृंखला के इस आखरी एपिसोड में, सुभाषिनी, क्रिस्टोफर र. किंग द्वारा अनुवादित प्रेमचंद की “गबन” की समीक्षा करती है। उन्होंने भारतीय समाज और घरबार के आस-पास के कई पहलूों पर कहानी पिरोयी है जिसमें लिंग असमानता और भ्रष्टाचार भी शामिल है।

यदि आप इसे स्पॉटिफाई या ऐप्पल पर सुन रहे हैं, तो कृपया हमारे शो को रेट करें।


आपको यदि शो पसंद आये, तो हमें फॉलो करना ना भूलें और अपने परिवारवालों और दोस्तों के साथ शेयर करें। अधिक मनोरम बुक रिव्युस और समरीज़ के लिए Books.Com के साथ जुड़े रहिए।

Todavía no hay opiniones