Mahabharat ke Amar Patra: Shakuni 7 Audiobook By Dr. Vinay cover art

Mahabharat ke Amar Patra: Shakuni 7

Preview
Try for $0.00
Prime logo Prime members: New to Audible?
Get 2 free audiobooks during trial.
Pick 1 audiobook a month from our unmatched collection.
Unlimited access to our all-you-can listen catalog of 150K+ audiobooks and podcasts.
Access exclusive sales and deals.
Premium Plus auto-renews for $14.95/mo after 30 days. Cancel anytime.

Mahabharat ke Amar Patra: Shakuni 7

By: Dr. Vinay
Narrated by: Ratan Deep Das
Try for $0.00

$14.95/month after 30 days. Cancel anytime.

Buy for $7.17

Buy for $7.17

शकुनि या शकुनी गंधार साम्राज्य का राजा था। वह हस्तिनापुर महाराज और कौरवों के पिता धृतराष्ट्र का साला था और कौरवों का मामा। दुर्याेधन की कुटिल नीतियों के पीछे शकुनि का हाथ माना जाता है और वह कुरुक्षेत्र के युद्ध के लिए दोषियों में प्रमुऽ माना जाता है। उसने कई बार पाण्डवों के साथ छल किया और अपने भांजे दुर्याेधन को पाण्डवों के प्रति कुटिल चालें चलने के लिए उकसाया। उलूक, वृकासुर व वृप्रचिट्टðी शकुनि तथा आरशी के पुत्र थे। शकुनि का जन्म गंधार के सम्राट सुबल तथा साम्राज्ञी सुदर्मा के यहाँ हुआ था। शकुनि की बहन गांधारी का विवाह धृतराष्ट्र से हुआ था। शकुनि की कुरुवंश के प्रति घृणा का कारण यह था, की हस्तिनापुर के सेनापति भीष्म एक बार धृतराष्ट्र के लिए गांधारी का हाथ माँगने गंधार गए। तब गांधारी के पिता सुबल ने ये बात स्वीकार कर ली, लेकिन उस समय उन्हें ये पता नहीं था की धृतराष्ट्र जन्मांध है। इसका शकुनि ने भी विरोध किया, लेकिन गांधारी अब तक धृतराष्ट्र को अपना पति मान चुकी थी। इसलिए शकुनि ने उस दिन ये प्रण लिया की वह समूचे कुरुवंश के सर्वनाश का कारण बनेगा।©2020 Storyside IN (P)2020 Storyside IN Fairy Tales Fantasy
No reviews yet