Episodios

  • मैंने मौत को करीब से देखा है ।
    May 11 2022
    हां मैंने मौत को करीब से देखा है।

    जो कहते थे नाज है। हमें अपनी हस्ती पर उनकी हस्ती को मिटते मैंने देखा है।

    मासूमों के सिर से मां बाप के साए को उठते मैंने देखा है।

    कई सुहागिनों को विधवा होते मैंने देखा है।

    हां साहब मैंने मौत को करीब से देखा है।

    जो कहते थे।खरीद लेंगे इस दुनिया को
    उनको एक -एक सांस की भीख मांगते मैंने देखा है।

    शमशान के आगे लगी लंबी-लंबी कतारों को मैंने देखा है।

    और कुछ कपटी नेताओं को लाशों पर राजनीति करते मैंने देखा है।

    हां साहब मैंने मौत को करीब से देखा है ।
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    3 m
  • Manzil
    Dec 23 2021
    Manzil ho door toh thoda thair jana accha hai
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    2 m
  • बदल जा
    Dec 6 2021
    ठहरजा बदल जा नहीं तो ये वक़्त तुझे बदल जाएगा
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    3 m
  • कुछ दोस्त
    Nov 17 2021
    कुछ दोस्त ऐसे भी होते हैं जो वक़्त के साथ रंग बदल जायगे जब वक़्त अच्छा हो तो आप की हर हा में भी हा मिला लेगे हैं जब वक़्त बुरा हो तो पीठ दिखाकर पतली गली से निकल जायगे
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    4 m
  • Pyar kiya
    Oct 28 2021
    वो कहते हैं हमने तुमसे प्यार किया लेकिन कमबख्त जब नज़रों से नज़रें मिलीं तो कब इकरार किया
    लब भी फड़फड़ाए
    लेकिन इज़हार तो नहीं किया वो कहते थे बांहों में भर लेंगे तुम्हें
    पास आए तो हाथ पकड़ने से भी इनकार किया
    इतनी शर्तें रख दी
    फिर भी कहते हैं हमने तुमसे प्यार किया
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    2 m
  • परवाह
    Aug 26 2021
    परवाह उनकी करो जो तुम्हारी परवाह किया करते हैं
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    4 m