फ़िराक गोरखपुरी का जवाब देने में कोई जवाब ना था! : क़िस्सागोई Ep 47 Podcast Por  arte de portada

फ़िराक गोरखपुरी का जवाब देने में कोई जवाब ना था! : क़िस्सागोई Ep 47

फ़िराक गोरखपुरी का जवाब देने में कोई जवाब ना था! : क़िस्सागोई Ep 47

Escúchala gratis

Ver detalles del espectáculo

OFERTA POR TIEMPO LIMITADO | Obtén 3 meses por US$0.99 al mes

$14.95/mes despues- se aplican términos.
स्पेशल सीरीज़ ‘क़िस्सागोई’ में आपको लखनऊ समेत दुनिया जहान के किस्से सुनाएंगे. ये कहानियां आप तक पहुंचाएंगे ‘क़िस्सा-क़िस्सा लखनउवा’ किताब के लेखक और मशहूर दास्तानगो हिमांशु बाजपेयी. आज की सीरीज़ में किस्सा सुनिए फ़िराक गोरखपुरी साहब का. मशहूर शायर के ये दो क़िस्से बताते हैं कि क्यों उन्हें हर दिल पसंद माना जाता था. क्योंकि शायर होने के साथ ही फ़िराक साहब सोसायटी की नब्ज़ भी बखूबी समझते थे. इन किस्सों में ख़ुद सुनिए
Todavía no hay opiniones