अयम् आत्मा ब्रह्म | उपनिषद महावाक्य | Awaken Owl Podcast (Hindi) Podcast Por  arte de portada

अयम् आत्मा ब्रह्म | उपनिषद महावाक्य | Awaken Owl Podcast (Hindi)

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अयम् आत्मा ब्रह्म उपनिषद् के इस महावाक्य के अनुसार आत्मा और परब्रह्म का समीकरण है। अर्थात् व्यक्ति विश्व का रहस्य, जो परब्रह्म को विदित है, जान सकता है। अयमात्मा ब्रह्म भारत के पुरातन हिंदू शास्त्रों व उपनिषदों में वर्णित महावाक्य है, जिसका शाब्दिक अर्थ है यह आत्मा ब्रह्म है। उस स्वप्रकाशित प्रत्यक्ष शरीर से परे तत्त्व को 'अयं' पद के द्वारा प्रतिपादित किया गया है। शरीर तत्त्व को जीवित रखने वाली अप्रत्यक्ष शक्ति ही 'आत्मा' है। वह आत्मा ही परब्रह्म के रूप में समस्त प्राणियों में विद्यमान है। सम्पूर्ण चर-अचर जगत में तत्त्व-रूप में वह संव्याप्त है। वही ब्रह्म है, वही आत्मतत्त्व के रूप में स्वयं प्रकाशित 'आत्मतत्त्व' है।
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