Lost Civilizations of India Audiolibro Por Dr. Mohan Lal Gupta arte de portada

Lost Civilizations of India

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Lost Civilizations of India

De: Dr. Mohan Lal Gupta
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इस पुस्तक में भारत की प्राचीन सभ्यताओं का इतिहास लिखा गया है जो आज से हजारों साल पहले विकसित हुईं तथा धरती पर अपने चिह्न छोड़कर काल के गाल में समा गईं।
इन सभ्यताओं की कहानी उन भारतीय बंदरों से आरम्भ होती है जो मनुष्य बनते-बनते रह गए। उनके बाद वे बंदर आए जो हाथों में पत्थर लेकर दो पैरों पर चलने लगे। फिर आया आदिमानव जिसने पत्थरों के औजार बनाए, कच्ची मिट्टी के बर्तन तथा कच्ची ईंटों के घर बनाए, पशुपालन और खेती आरम्भ की। उनके बाद ताम्बे, कांसे और लोहे की सभ्यताओं वाले आर्य एवं द्रविड़ आए। वेद रचे गए, रामजी की अयोध्या बसी, कृष्णजी की द्वारिका बसी, पाण्डवों का हस्तिनापुर बसा।
विदेशी धरती से आए शक, कुषाण एवं हूणों की सभ्यताएं सजीं। भारत ने मौर्य युग से लेकर गुप्तकाल एवं हर्षकाल में प्रवेश किया। इन समस्त भारतीय सभ्यताओं की अपनी विशेषताएँ एवं रोचकताएँ थीं जो अब काल के गाल में समा गई हैं।
यह एक रोचक पुस्तक है जिसे सुप्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. मोहनलाल गुप्ता ने लिखा है। इस विषय पर इतनी विशद् जानकारी देने वाली पुस्तक हिन्दी भाषा में अब तक उपलब्ध नहीं थी। यह पुस्तक भारत की प्राचीन सभ्यताओं के इतिहास में मील का पत्थर है।
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